यूरोप में राष्ट्रीयवाद (सामाजिक विज्ञान) Europe mein rashtrawad Social Science Class 10 Qustions Answers For matric Examinations

 यूरोप में राष्ट्रीयवाद (सामाजिक विज्ञान) Europe mein rashtrawad Social Science Class 10 Qustions Answers For matric Examinations





1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

निचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर में चार विकल्प दिए गए हैं। जो आपको सर्वाधिक लगे उनमें सही का चिन्ह लगावें।
(सही विकल्प निचे दिए गए है।)

(1) इटली एवं जर्मनी वर्तमान में किस महादेश के अंतर्गत आते है?

(क) उत्तरी अमेरिका
(ख) दक्षिण अमेरिका
(ग) यूरोप
(घ) पछिम एशिया

उत्तर: (ग) यूरोप

(2)फ्रांस में किस शासक वंश की पुनर्स्थापना वियना कांग्रेस द्वारा की गई थी?

(क)हैब्सबर्ग
(ख)ऑर्लिया वंश
(ग)बुर्बो वंश
(घ)जार शाही

उत्तर: (ग)बुर्बो वंश

(3) मेजिनी का सम्बन्ध किस संगठन से था?

(क) लाल सेना
(ख ) कार्बोनरी
(ग) फिलिक हेटारिया
(घ) डायर

उत्तर: (ख ) कार्बोनरी

(4) इटली एवं जर्मनी के एकीकरण के विरूद्ध निम्न में कौन था?

(क) इंग्लैंड
(ख) रूस
(ग) ऑस्ट्रिया
(घ) प्रशा

उत्तर: (ग) ऑस्ट्रिया

(5) 'काउंट कबूर' को विक्टर इमैनुएल ने किस पद पर नियुक्त किया?

(क) सेनापति
(ख) फ्रांस में राजदूत
(ग) प्रधानमंत्री
(घ) गृहमंत्री

उत्तर: (ग) प्रधानमंत्री

(6) गैरीबाल्डी पेशे से क्या था?

(क) सिपाही
(ख) किसान
(ग) जमीन्दार
(घ) नाविक

उत्तर: (घ) नाविक

(7) जर्मन राईन राज्य का निर्माण किसने किया था?

(क) लुई 18वां
(ख) नेपोलियन बोनापार्ट
(ग) नेपोलियन III
(घ) बिस्मार्क

उत्तर: (ख) नेपोलियन बोनापार्ट

(8) "जालवेरिन" एक संस्था थी?

(क) क्रांतिकारियों की
(ख) व्यापारियों की
(ग) विद्वानों की
(घ) पादरी सामतों की

उत्तर: (ख) व्यापारियों की

(9)"रक्त एवं लौह" की नीति का अवलम्बन किसने किया था?

(क) मेजिनी
(ख) हिटलर
(ग) बिस्मार्क
(घ) विलियम

उत्तर: (ग) बिस्मार्क

(10) फ्रैंकफर्ट की संधि कब हुई?
(क) 1864
(ख) 1866
(ग) 1870
(घ) 1871

उत्तर: (घ) 1871

(11) यूरोप वासियों के लिए किस देश का साहित्य एवं ज्ञान-विज्ञानं प्रेरणास्रोत रहा?

(क) जर्मनी
(ख) यूनान
(ग) तुर्की
(घ) इंग्लैंड

उत्तर: (ख) यूनान

(12) 1829 ई० की एड्रियानोपुल की संधि किस देश के साथ हुई?

(क) तुर्की
(ख) यूनान
(ग) हंगरी
(घ) पोलैंड

उत्तर: (क) तुर्की

निम्नलिखित में रिक्त स्थानों को भरें:-

1 .................के युद्ध में ही एक महाशक्ति के पतन पर दूसरी यूरोपीय महाशक्ति जर्मनी का जन्म हुआ था|

उत्तर:  सेडॉन

2. सेडोवा का युद्ध………….और…………..के बीच हुआ था |

उत्तर: ऑस्टिया, प्रशा

3. 1848 ई० की फ़्रांसिसी क्रांति ने……………यूग का भी अंत कर दिया |

उत्तर: मेटरनिक

4. बेटीकन सिटी के राजमहल, जहाँ……….रहते थे जो इटली के…………..से बचा रहा |

उत्तर: पोप, एकीकरण

5. यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोसित करने के बाद बबेरिया के शासक………………को वहां का राजा घोषित किया गया |

उत्तर: ओटी

6. हंगरी की राजधानी………………है|

उत्तर: बुडापेस्ट

निम्नलिखित समूहों का मिलान करें:-

(I)

समूह ‘अ’समूह ‘ब’
1.मेजिनी(क) दार्शनिक
2.हीगेल(ख)इटली
3.बिस्मार्क(ग)राजनीतिज्ञ
4.विक्टर इमैनुएल(घ)जर्मन चांसलर

उत्तर:-

समूह ‘अ’समूह ‘ब’
1.मेजिनी(ख)इटली
2.हीगेल(क) दार्शनिक
3.बिस्मार्क(घ)जर्मन चांसलर
4.विक्टर इमैनुएल(ग)राजनीतिज्ञ

(II)

समूह ‘अ’समूह ‘ब’
1.वियना सम्मेलन(क)1871  ई०
2.मेटरनिख का पतन(ख)1870 ई०
3.इटली एकीकरण (ग)1848 ई०
4.सेडॉन युद्ध (घ)1815 ई०

उत्तर:-

समूह ‘अ’समूह ‘ब’
1.वियना सम्मेलन(घ)1815 ई०
2.मेटरनिख का पतन(ग)1848 ई०
3.इटली एकीकरण (क)1871 ई०
4.सेडॉन युद्ध (ख)1870 ई०

(III)

समूह ‘अ’समूह ‘ब’
1.कोसुथ(क)1863 ई०
2.एड्रियानोपल की संधि(ख)हगंरियन राष्ट्रवादी नेता
3.यूनान की स्वतंत्रता(ग)1829 ई०
4.पोलैण्ड में आन्दोलन(घ)1832 ई०

उत्तर:-

समूह ‘अ’समूह ‘ब’
1.कोसुथ(ख)हगंरियन राष्ट्रवादी नेता
2.एड्रियानोपल की संधि(ग)1829 ई०
3.यूनान की स्वतंत्रता(घ)1832 ई०
4.पोलैण्ड में आन्दोलन(क)1863 ई०

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (20 शब्दों में उत्तर दें)

1. राष्ट्रवाद क्या है?

उत्तर:-  राष्ट्रवाद किसी विशेष भौगोलिक, सांस्कृतिक या सामाजिक परिवेश में रहनेवाले लोगों के बीच व्याप्त एक भावना है जो उनमें परस्पर प्रेम और एकता को स्थापित करती है। यह भावना आधुनिक विश्व में राजनीतिक पुनर्जागरण का परिणाम है।

2. मेजिनी कौन था?

उत्तर:- मेजनी इटली में राष्ट्रवादियों के गुप्त दल ‘कार्बोनरी’ का सदस्य था। वह सेनापति होने के साथ-साथ, गणतांत्रिक विचारों का समर्थक तथा सहित्यकार भी था। 1830 ई० में नागरिक आन्दोलनों द्वारा उसने उत्तरी और मध्य इटली में एकीकृत गणराज्य स्थापित करने का प्रयास किया किन्तु असफल रहने पर उसे इटली से पलायन करना पड़ा। 1845 ई० में मेटरनिख के पराजय के बाद मेजनी पुन: इटली आकर इटली के एकीकरण का प्रयास किया। किन्तु इस बार भी वह असफल रहा और उसे पलायन करना पड़ा।

3. जर्मनी के एकीकरण की बाधाएँ क्या थीं?

उत्तर:- जर्मनी के एकीकरण में निम्नलिखित प्रमुख बाधाएँ थीं-

(i) लगभग 300 छोटे-छोटे राज्य,

(ii) इन राज्यों में व्याप्त राजनीतिक, सामाजिक तथा धार्मिक विषमताएँ,

(iii) राष्ट्रवाद की भावना का अभाव,

(iv) आस्ट्रिया का हस्तक्षेप, तथा

(v) मेटरनिख की प्रतिक्रियावादी नीति ।

4. मेटरनिख युग क्या है?

उत्तर:- आस्ट्रिया का चांसलर मेटरनिक के 1815 से 1848 ई० तक के काल को मेटरनिक युग कहते हैं। मेटरनिक निरंकुश राजतंत्र में विश्वास रखता था और क्रांति का घोर विरोधी था । वह क्रांति का कट्टर शत्रु तथा क्रांति विरोधी भावनाओं का समर्थक था |

लघु उत्तरीय प्रश्न:- ( 60 लगभग शब्दों में उत्तर दें)

1. 1848 के फ्रांसीसी क्रांति के कारण क्या थे ?

उत्तर:- 1848 ई० के फ्रांसीसी क्रांति के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे-

(i) मध्यम वर्ग का शासन पर प्रभाव ।

(ii) राजनीतिक दलों में संगठन का अभाव ।

(iii) समाजवाद का प्रसार ।

(iv) लुई फिलिप की नीति की असफलता ।

इस क्रांति का सबसे प्रमुख कारण लुई फिलिप की नीति और जनता में उसके प्रति असंतोष था । वह जनता की तत्कालीन समस्याओं को सुलझाने में असमर्थ रहा जिसके कारण क्रांति का सूत्रपात हुआ ।

2. इटली, जर्मनी के एकीकरण में ऑस्ट्रिया की भूमिका क्या थी?

उत्तर:- इटली, जर्मनी का एकीकरण आस्ट्रिया के शर्त पर हुआ क्योंकि इटली एवं जर्मनी के प्रांतों पर आस्ट्रिया का अधिपत्य तथा हस्तक्षेप था, आस्ट्रिया को इटली और जर्मनी से बाहर करके ही दोनों का एकीकरण संभव था, दोनों राष्ट्र आस्ट्रिया को बाहर निकालने के लिए विदेशी सहायता ली।

3. यूरोप में राष्ट्रवाद को फैलाने में नेपोलियन बोनापार्ट किस तरह सहायक हुआ?

उत्तर:- नेपोलियन के समय इटली और जर्मनी मात्र एक ‘भौगोलिक अभिव्यक्ति’ थी। नेपोलियन ने अनजाने में (अप्रत्यक्ष रूप से) इटली एवं जर्मनी के छोटे-छोटे विभाजित प्रांतों का एकीकरण कर दिया था। दोनों राज्यों को एक संगठित राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया। दोनों देशों में राष्ट्रीयता की भावनाओं को जागृत किया। नेपोलियन ने समानता एवं भ्रातृत्व पर आधारित नवीन समाज का निर्माण इन देशों में कर दिया। इस दृष्टिकोण से हम नेपोलियन को क्रांति का वास्तविक अग्रदूत कह सकते हैं जिसने यूरोप के दो राष्ट्रों को संगठित होने के लिए प्रेरणा दी।

4. गैरीबाल्डी के कार्यों की चर्चा करें ।

उत्तर:- गैरीबाल्डी ज्यूसप गैरीबाल्डी का जन्म 1807 में नीस नामक नगर में हुआ था। यह पेशे से एक नाविक था और मेजनी के विचारों का समर्थन था परन्तु बाद में काबूर के प्रभाव में आकर संवैधानिक राजतंत्र का समर्थक बन गया । गैरीबाल्डी ने सशस्त्र क्रांति के द्वारा दक्षिणी इटली के प्रांतों का एकीकरण कर वहाँ गणतंत्र की स्थापना करने का प्रयास किया। गैरीबाल्डी ने सिसली और नेपल्स पर आक्रमण किया इन प्रांतों की अधिकांश जनता बूर्वो राजवंश के निरंकुश शासन से तंग होकर गैरीबाल्डी का समर्थक बन गई थी। गैरीबाल्डी ने यहाँ विक्टर इमैनुएल के प्रतिनिधि के रूप में सत्ता सँभाली। गैरीबाल्डी के दक्षिण अभियान का काबूर ने भी समर्थन किया।

5. विलियम I के बगैर जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क के लिए असंभव था – कैसे?

उत्तर:- विलियम I जानता था कि जर्मनी के एकीकरण के मार्ग में आस्ट्रिया बाधक है तथा इसे हटाये बिना जर्मनी का एकीकरण संभव नहीं है। अतः आस्ट्रिया से मुक्ति पाने के लिए उसे युद्ध में हराना जरूरी था। इसके लिए आवश्यक था कि जर्मनी सैनिक दृष्टि से मजबूत बने। विलियम ने प्रशा की सैनिक शक्ति बढ़ाने के लिए एक ठोस योजना बनायी। उदारवादियों के विरोध के बाद भी विलियम सैन्य बजट पर अधिक खर्च किया। विलियम की इस नीति के कारण बिस्मार्क ने ‘रक्त एवं लौह’ की नीति का अवलम्बन किया तथा जर्मनी का एकीकरण संभव हुआ।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नः- (लगभग 150 शब्दों में उत्तर दें)

1.इटली के एकीकरण में मेजिनी काबूर और गैरीबाल्डी के योगदानों को बतावें।

उत्तर:- मेजिनी — मेजिनी साहित्यकार गणतांत्रिक विचारों का समर्थक और योग्य सेनापति था। 1820 ई० में राष्ट्रवादियों ने एक गुप्त दल ‘कार्बोनरी’ की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य छापामार युद्ध द्वारा राजतंत्र को समाप्त कर गणराज्य की स्थापना करना था । कार्बोनरी के असफल होने पर मेजनी ने अनुभव किया कि इटली का एकीकरण कार्बोनरी की योजना के अनुसार नहीं हो सकता है। 1831 में उसने ‘युवा इटली’ नामक संस्था की स्थापना की जिसने नवीन इटली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। मेजिनी के दिमाग में संयुक्त इटली का स्वरूप जितना स्पष्ट और निश्चित था उतना किसी अन्य के दिमाग में नहीं था। इसके अलावे पोप भी इटली को धर्मराज्य बनाने का पक्षधर था । विचारों की टकराहट के कारण इटली के एकीकरण का मार्ग अवरुद्ध हो गया था। कालांतर में आस्ट्रिया ने इटली के कुछ भागों पर आक्रमण किया जिसमें सार्डिनिया के शासक चार्ल्स एल्बर्ट पराजित हुआ । आस्ट्रिया ने इटली में जनवादी आंदोलन को कुचल दिया, मेजनी की पुनः हार हुई और वह इटली से पलायन कर गया ।

काउंट काबूर—काबूर एक सफल कूटनीतिज्ञ एवं राष्ट्रवादी था। वास्तव में काबूर के बिना मेजनी का आदर्शवाद और गैरीवाल्डी की वीरता निरर्थक होती । काबूर काबूर न इन दोनों के विचारों vec H सामन्जस्य स्थापित किया । काबूर यह जानता था कि-

(i) इटली का एकीकरण सार्डिनिया पिडमाउंट के नेतृत्व में ही संभव हो सकता है

(ii) एकीकरण के लिए आवश्यक है कि इटली के राज्यों को आस्ट्रिया से मुक्त कराया जाए।

(iii) आस्ट्रिया से मुक्ति बिना विदेशी सहायता के संभव नहीं है। अतः आस्ट्रिया को पराजित करने के लिए काबूर ने फ्रांस से मित्रता कर ली । 1853-1854 ई० के क्रीमिया युद्ध में फ्रांस को मदद किया जिसका प्रत्यक्ष लाभ युद्ध के बाद पेरिस के शांति सम्मेलन में मिला। इस सम्मेलन में फ्रांस और आस्ट्रिया के साथ पिडमाउंट को भी बुलाया गया। यह काबूर की सफल कूटनीति का परिणाम था। इस सम्मेलन में काबूर ने इटली में आस्ट्रिया के हस्तक्षेप को गैर कानूनी घोषित किया। काबूर ने इटली की समस्या को पूरे यूरोप का समस्या बना दिया ।

गैरीबाल्डी-_गैरीबाल्डी ने सशस्त्र क्रांति के द्वारा दक्षिणी इटली के प्रात का एकीकरण कर वहाँ गणतंत्र की स्थापना करने का प्रयास किया। गैरीबाल्डी ने सिसली और नेपल्स पर आक्रमण किया। इन प्रांतों की अधिकांश जनता बूर्वो राजवंश के निरंकुश शासन से तंग होकर गैरीबाल्डी का समर्थक बन गई थी । गैरीबाल्डी ने यहाँ विक्टर इमैनुएल के प्रतिनिधि के रूप में सत्ता संभाली। गैरीबाल्डी के दक्षिण अभियान का काबूर ने भी समर्थन किया । 1862 ई॰ में गैरीबाल्डी ने रोम पर आक्रमण की योजना बनाई । काबूर ने गैरीबाल्डी के इस अभियान का विरोध करते हुए रोम की रक्षा के लिए पिडमाउंट की सेना भेज दी। अभियान के बीच में ही गैरीबाल्डी की काबूर से भेंट हो गई तथा रोम अभियान वहीं खत्म हो गया । दक्षिणी इटली के जीते गए क्षेत्रों को गैरीबाल्डी ने विक्टर इमैनुएल को सौंप दिया । इस प्रकार शेष जर्मनी का एकीकरण 1871 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय के नेतृत्व में पूरा हुआ ।

2. जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका का वर्णन करें 

उत्तर:- बिस्मार्क हीगेल के विचारों से प्रभावित था। बिस्मार्क जर्मन संसद (डायट) में प्रशा का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी सफल कूटनीति का परिचय लगातार देता आ रहा था। जर्मनी में उदारवादी राष्ट्रवादी हों या कट्टरवादी राष्ट्रवादी सभी उसके विचारों के समर्थक थे। विस्मार्क जर्मनी के एकीकरण के लिए सैन्य शक्ति को महत्त्वपूर्ण मानता था । इसके लिए उसने रक्त और लौह की नीति का पालन किया। रक्त एवं लौह नीति से तात्पर्य था कि सैन्य उपायों द्वारा ही जर्मनी का एकीकरण करना। उसने जर्मनी में अनिवार्य सैन्य सेवा लागू कर दी। जर्मनी के एकीकरण के लिए बिस्मार्क के तीन उद्देश्य थे—

(i) पहला उद्देश्य प्रशा को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाकर उसके नेतृत्व में जर्मनी का एकीकरण को पूरा करना था । (ii) दूसरा उद्देश्य आस्ट्रिया को परास्त कर उसे जर्मन परिसंघ के बाहर निकालना था ।

(iii) तीसरा उद्देश्य जर्मनी को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाना था ।

बिस्मार्क ने 1830 के आस्ट्रिया-प्रशा संधि का विरोध किया जिसमें प्रशा के नेतृत्व में जर्मनी का एकीकरण नहीं किया जा सकता था। इस विरोध के कारण प्रशा के नेतृत्व में जर्मन एकीकरण की भावना जोर पकड़ने  लगी |प्रशा ने जर्मन राष्ट्रवादी भावनाओं को भड़काकर हाल्सटाइन में विद्रोह फैला दिया। विस्मार्क की दोहरी नीति को आस्ट्रिया अपना अपमान समझा तथा क्षुब्ध होकर 1866 ई० में आस्ट्रिया ने प्रशा के खिलाफ सेडोवा में युद्ध की घोषणा कर दी। दोनों तरफ से युद्ध में फँसने के कारण आस्ट्रिया बुरी तरह पराजित हुआ। आस्ट्रिया का जर्मन क्षेत्रों से प्रभाव खत्म हो गया। इस तरह जर्मनी के एकीकरण का दो तिहाई कार्य पूरा हो गया ।शेष जर्मनी के एकीकरण के लिए फ्रांस से युद्ध करना आवश्यक था क्योंकि जर्मनी के दक्षिणी प्रांतों में फ्रांस हस्तक्षेप कर सकता था। विस्मार्क ने इस बात को तोड़-मरोड़ कर प्रेस में जारी किया जिसे एम्स का तार कहा जाता है। एम्स के तार का जर्मन राष्ट्रवादियों ने विरोध किया। इससे चिढ़कर फ्रांस के शासक नेपोलियन ने 19 जून, 1870 को प्रशा के खिलाफ सेडॉन युद्ध की घोषणा कर दी जिसमें फ्रांस की हार हुई। 10 मई, 1871 ई० को फ्रैंकफर्ट की संधि द्वारा दोनों राष्ट्रों के बीच शांति स्थापित हुई। इस प्रकार शेष जर्मनी का एकीकरण 1871 में पूर्ण हुआ ।

3. राष्ट्रवाद के उदय के कारणों एवं प्रभाव की चर्चा करें

उत्तर:- राष्ट्रवादी चेतना का उदय यूरोप में पुनर्जागरण काल से ही शुरू हो चुका था, परन्तु 1789 ई० के फ्रांसीसी क्रांति में यह सशक्त रूप लेकर प्रकट हुआ। 19वीं शताब्दी तक आते-आते परिणाम युगान्तकारी सिद्ध हुए । 18वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में नेपोलियन के आक्रमणों ने यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इटली, पोलैण्ड, जर्मनी और स्पेन में नेपोलियन द्वारा ही ‘नव युग’ का संदेश पहुँचा, फ्रांसीसी क्रांति का नारा ‘स्वतंत्रता, समानता और विश्वबंधुत्व’ ने राजनीति को अभिजात्य वर्गीय परिवेश से बाहर कर उसे अखबारों, सड़कों और सर्वसाधारण की वस्तु बना दिया। नेपोलियन के आक्रमण से इटली और जर्मनी में एक नया अध्याय आरम्भ होता है। उसने समस्त देश में एक संगठित एवं एकरूप शासन स्थापित किया इससे वहाँ राष्ट्रीयता के विचार उत्पन्न हुए। इसी राष्ट्रीयता की भावना ने जर्मनी और इटली को मात्र भौगोलिक अभिव्यक्ति की सीमा से बाहर निकालकर उसे वास्तविक एवं राजनैतिक रूप रेखा प्रदान की जिससे इटली और जर्मनी के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ ।

परिणाम- (i) यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना का विकास के कारण यूरोपीय राज्यों का एकीकरण हुआ। इसके कारण कई बड़े तथा छोटे राष्ट्रों का उदय हुआ ।

(ii) यह यूरोपीय राष्ट्रवाद का परिणाम था कि 19वीं शताब्दी के अंतिम उत्तरार्द्ध में ‘संकीर्ण राष्ट्रवाद’ को जन्म दिया। संकीर्ण राष्ट्रवाद के कारण प्रत्येक राष्ट्र की जनता और शासक के लिए उनका राष्ट्र ही सब कुछ हो गया। इसके लिए वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार थे। बाल्कन प्रदेश के छोटे-छोटे राज्यों एवं विभिन्न जातीय समूहों में भी यह भावना जोर पकड़ने लगी ।

(iii) यूरोपीय राष्ट्रवाद के प्रभाव के कारण जर्मनी, इटली जैसे राष्ट्रों में साम्राज्यवादी प्रवृतियों का उदय हुआ। इस प्रवृति ने एशियाई एवं अफ्रीकी देशों को अपना निशाना बनाया जहाँ यूरोपीय देशों ने उपनिवेश स्थापित किये। इन्हीं उपनिवेशों के शोषण पर ही औद्योगिक क्रांति की आधारशिला टिकी थी। इसी साम्राज्यवादी प्रवृति के कारण ओटोमन साम्राज्य का पतन हुआ तथा पूरे बाल्कन क्षेत्र में पूर्वी समस्या आई ।

4. जुलाई 1830 की क्रांति का विवरण दें 

उत्तर:- फ्रांस के शासक चार्ल्स – X एक निरंकुश एवं प्रतिक्रियावादी शासक था। इसके काल में इसका प्रधानमंत्री पोलिग्नेक ने लुई 18वें द्वारा स्थापित समान नागरिक संहिता के स्थान पर शक्तिशाली अभिजात्य वर्ग की स्थापना की तथा इस वर्ग को विशेषाधिकार प्रदान किया। उसके इस कदम से उदारवादियों एवं प्रतिनिधि सदन ने पोलिग्नेक का विरोध किया। चार्ल्स X ने 25 जुलाई, 1830 ई० को चार अध्यादेशों द्वारा उदारवादियों को दबाने का प्रयास किया। इस अध्यादेश के खिलाफ पेरिस में क्रांति की लहर दौड़ गई तथा फ्रांस में गृह युद्ध आरम्भ हो गया । इसे ही जुलाई, 1830 की क्रांति कहते हैं। परिणामस्वरूप चार्ल्स X फ्रांस की गद्दी को छोड़कर इंगलैण्ड पलायन कर गया तथा इसी के साथ फ्रांस में बूर्वो वंश के शासन का अंत हो गया । जुलाई, 1830 की क्रांति के परिणामस्वरूप फ्रांस में बूव वंश के स्थान पर आर्लेस वंश गद्दी पर आई । आर्लेयेंस वंश के शासक लुई फिलिप ने उदारवादियों, पत्रकारों तथा पेरिस की जनता के समर्थन से सत्ता प्राप्त की थी अतः उसकी नीतियाँ उदारवादियों के समर्थन में तथा संवैधानिक गणतंत्र की स्थापना करना था।

5. यूनानी स्वतंत्रता आन्दोलन का संक्षिप्त विवरण दें ।

उत्तर:- यूनान में राष्ट्रीयता का उदय यूनान का अपना गौरवमय अतीत रहा है जिसके कारण उसे पाश्चात्य राष्ट्रों का मुख्य स्रोत माना जाता था। यूनानी सभ्यता की साहित्यिक प्रगति, विचार, दर्शन, कला, चिकित्सा विज्ञान आदि क्षेत्रों में उपलब्धियाँ पाश्चात्य देशों के लिए प्रेरणास्रोत थी। पुनर्जागरण काल से ही पाश्चात्य देशों ने यूनान से प्रेरणा लेकर काफी विकास किया था, परन्तु इसके बावजूद यूनान अभी भी तुर्की साम्राज्य के अधीन था। फ्रांसीसी क्रांति से प्रभावित होकर यूनानियों में राष्ट्रवाद की भावना का विकास किया । धर्म, जाति और संस्कृति के आधार पर यूनानियों की पहचान एक थी फलतः यूनान में तुर्की शासन से अपने को अलग करने के लिए कई आंदोलन चलाये जाने लगे। इसके लिए वहाँ हितेरिया फिलाइक (Hetairia Philike) नामक संस्था की स्थापना ओडेसा नामक स्थान पर की गई। यूनान की स्वतंत्रता का सम्मान समस्त यूरोप के नागरिक करते थे । इंगलैण्ड का महान कवि लॉर्ड बायरन यूनानियों की स्वतंत्रता के लिए यूनान में ही शहीद तुर्की के तरफ से मिस्र की सेना थी। युद्ध में मिस्र और तुर्की की सेना पराजित हुई। 1829 ई० में एंड्रियानोपोल की संधि हुई जिसमें यूनान को स्वायतता देने की बात तय हुई परन्तु यूनानी राष्ट्रवादियों ने संधि की बातों को मानने से इंकार कर दिया । इंगलैण्ड और फ्रांस भी यूनान पर रूस के प्रभाव के बदले इसे स्वतंत्र देश बनाना बेहतर समझा। 1832 में यूनान को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया गया। बवेरिया के शासक ‘ओटो’ को स्वतंत्र यूनान का राजा बनाया गया ।

आगे के अध्याय (Read More)
1. यूरोप में राष्ट्रीयवाद
2.
3.
4.
5.
6.
7.
8.
9.
10.

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